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Monday, 1 February 2010

कृपा करो बिजली महारानी! (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक)

ल अपराह्न 3 बजे से हमारे शहर की बत्ती गुल है!

आशा है कि आज दोपहर के पश्चात 
कुछ वैकल्पिक व्यवस्था हो पायेगी!

तभी आप लोगों से सम्पर्क होगा!

यह सूचना पोस्ट लैपटॉप से बमुश्किल लगा पाया हूँ।

अब बिना बिजली के यह भी मजबूरी प्रकट कर रहा है।

10 comments:

  1. chinta na karen
    bijli bahut jald aa jayegi aur aap agle post
    ko blog par daal payenge..

    sir apne desh bharat me abhi bhi kai gawn aise hay
    jahan bijli pahunch nahi paaya hay hame un gawon ke dard ko samjhte hue apne sarkar se aagrah kar wahan bhi bijli pahuchane ka prayas karna chahiye.

    is kaam ke liye mai aapka sath chahta hun.

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  2. भारतीय नागरिक1 February 2010 at 14:38

    बत्ती जी की इबादत कीजिये, सब ठीक हो जायेगा.

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  3. आपके इस ब्लॉग का ज्ञान नहीं था. अभी तक मै उच्चारण को ही पढ़ा करता था. आज आपके शब्दों का दंगल देखा. मन को बड़ी शांति मिली. लगा की एक अच्छा ब्लॉग पढ़ रहा हूँ. रही बात बिजली की तो शास्त्री जी, अभी कुछ दिनों पूर्व ही मैंने मेरी पोस्ट के माध्यम से गुफ्तगू की थी की बिजली और पानी के मुद्दे कभी ख़त्म नहीं हो सकते. क्योंकि इन्ही मुद्दों के सहारे सरकारे आती-जाती है. बाकि आप ज्यादा समझदार है.
    www.gooftgu.blogspot.com

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  4. ओह क्या कहें इन बिजली वालो को ...

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  5. आधुनिकता की बीमारी --इसके आगे किसका बस चला है।

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  6. बिन बिजली सब सून..

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  7. बिजली के साथ साथ नेट का भी यही हाल है शुभकामनायें

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  8. मंयक जी को जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनायें

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  9. शास्त्री जी" लाइट का सब जगह यही हाल है
    धन्यवाद ................

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