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Tuesday, 3 May 2011

"सम्मान की गूँज" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")


दैनिक अमर उजाला, नैनीताल में 
परिकल्पना एवं हिन्दी साहित्य निकेतन 
सम्मान की गूँज!
3 मई, 2011 के अमर उजाला के 
नैनीताल संस्करण में 
पृष्ठ-7 पर पहले कालम में 
युवा ऊधमसिंहनगर के अन्तर्गत 
उपरोक्त समाचार प्रकाशित हुआ है!

20 comments:

JHAROKHA said...

aadarniy sir
aappko is samman ke liye bahut bahut hardik badhai.
waqai aap is samman ke puri tarah se haqdaar hain.bahut hi achha laga is aayojan ke baare me jaan kar.
vaise bhi aap hamesha hi mere liye aadarsh ke roop me rahae hain.aasha hai aage bhi mera isi tarah marg darshan karenge
punah hardil badhai swikaaren
sadar naman
poonam

ZEAL said...

शास्त्री जी ,
अमर उजाला में आपको देखकर बहुत प्रसन्नता हुयी । बधाइयाँ और मिठाईयाँ ।

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

हार्दिक् बधाई!

वन्दना said...

हार्दिक बधाइयां।

डॉ टी एस दराल said...

बहुत बहुत मुबारक , शास्त्री जी । आपसे मिलने का संयोग नहीं बन सका ।

Sunil Kumar said...

बहुत बहुत मुबारक , मयंक जी

kshama said...

Aapko phir ek baar badhayee! Sammelan me aapko dekh ke chitt prasann hua! Kaash! Kuchh baat cheet bhee ho patee!

संध्या शर्मा said...

हार्दिक शुभकामनायें ...

Udan Tashtari said...

बहुत बधाई...

BrijmohanShrivastava said...

बहुत बहुत वधाइया स्वीारें सर

निरामिष said...

हार्दिक बधाइयां। शास्त्री जी,

साथ ही शुभ शुभकामनायें ॥

निरामिष: अहिंसा का शुभारंभ आहार से, अहिंसक आहार शाकाहार से

अरविन्द जांगिड said...

हार्दिक बधाइयां

Babli said...

बहुत बहुत बधाई शास्त्री जी !

सुमन'मीत' said...

bahut bahut badhai...

हल्ला बोल said...

ब्लॉग जगत में पहली बार एक ऐसा सामुदायिक ब्लॉग जो भारत के स्वाभिमान और हिन्दू स्वाभिमान को संकल्पित है, जो देशभक्त मुसलमानों का सम्मान करता है, पर बाबर और लादेन द्वारा रचित इस्लाम की हिंसा का खुलकर विरोध करता है. साथ ही धर्मनिरपेक्षता के नाम पर कायरता दिखाने वाले हिन्दुओ का भी विरोध करता है.
इस ब्लॉग पर आने से हिंदुत्व का विरोध करने वाले कट्टर मुसलमान और धर्मनिरपेक्ष { कायर} हिन्दू भी परहेज करे.
समय मिले तो इस ब्लॉग को देखकर अपने विचार अवश्य दे
.
जानिए क्या है धर्मनिरपेक्षता
हल्ला बोल के नियम व् शर्तें

veerubhai said...

"शब्दों के इस जंगल में हम भी शरीक हैं "आपका सम्मान हुआ ,गौरवान्वित हम भी महसूस कर रहें हैं .बधाई !

BrijmohanShrivastava said...

शास्त्री जी बहुत बहुत बधाई

Maheshwari kaneri said...

हार्दिक शुभकामनायें ...

Vivek Jain said...

बधाइयाँ

विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

नश्तरे एहसास ......... said...

aapko bahut bahut badhaai ....