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Friday, 1 October 2010

"वरिष्ठ नागरिक दिवस-एक रपट" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

खटीमा प्रशासन द्वारा
वरिष्ठ नागरिक दिवस मनाया गया।

          खटीमा प्रशासन द्वारा वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर 1 अक्टूबर,2010 को नये तहसील भवन में स्थित  सभागार में सीनियर सिटीजन वैलफेयर सोसायटीज, की ओर से सम्बोधित करते हुए -डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक", पी.एन.सक्सेना,  सतपाल बत्तरा, कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मलिकराज बत्तरा कार्यक्रम के आयोजक सन्तोष कुमार पाण्डेय (तहसीलदार, खटीमा) आदि।
      इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिक  सतपाल बत्तरा ने अपने सम्बोधन में कहा कि वरिष्ठ-नागरिकों को समाज और शासन-प्रशासन संरक्षण दे। आज यह देखा जाता है कि बूढ़े और अशक्त पिता और 85 साल के दादा के ऊपर दहेज एक्ट और एस.सी.-एस.टी. एक्ट लगा दिया जाता है! जो कि जाँच के उपरान्त ही लगाया जाना चाहिए।
       सीनियर सिटीजन वैलफेयर सोसायटीज, खटीमा के सचिव डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री ने अपने सम्बोधन में उत्तराखण्ड के मा.मुख्य-मन्त्री से यह माँग करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार की भाँति हमारे प्रदेश की सरकार को भी उत्तराखण्ड रोडवेज की बसों में किराये में वरिष्ठ पुरुषों को 33 प्रतिशत और वरिष्ठ महिलाओं को 50 प्रतिशत की छूट देनी चाहिए।
       कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मलिकराज बत्तरा ने अपने सम्बोधन में कहा कि हर नगर में वृद्धाश्रम सरकार को बनवाने चाहिए। जिसमें घर तथा परिवार से उपेक्षित तथा निराश्रित वरिष्ठ नागरिकों रहने-खाने और मनोरंजन की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।   
     कार्यक्रम के आयोजक सन्तोष कुमार पाण्डेय (तहसीलदार, खटीमा) ने यह आश्वासन दिया कि वह वरिष्ठ नागरिकों की आवाज को अपने स्तर से जिले के उच्चाधिकारियों को अवगत करा देंगे।
      गोष्ठी में नरेश तलवार, रमेशचन्द्र राणा, रोशनलाल ग्रोवर, रामवचन एडवोकेट, डॉ.
बाबूराम अरोड़ा, कानूनगो-सत्यदेव आदि ने अपने विचार प्रकट किये।

16 comments:

  1. बहुत बढिया रिपोर्ट लगाई है।

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  2. वरिष्ठ नागरिक समाज की धरोहर हैं । उन्हें सम्मान देना और उनके हितों का ख्याल रखना हर नागरिक का कर्तव्य है । शुभकामनायें शास्त्री जी ।

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  3. बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति ।

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  4. वायें से चौथे नम्बर पर आप ही हैं न

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  5. बहुत बढिया !!

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  6. वाह! बहुत बढ़िया रिपोर्ट! बेहतरीन प्रस्तुती!

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  7. वरिष्ठ नागरिक दिवस पर हमारा समस्त वरिष्ठ नागरिकों को सदर नमन.
    मार्गदर्शनीय आयोजन और सुन्दर प्रस्तुति

    हार्दिक बधाई.

    चन्द्र मोहन गुप्त

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  8. * वरिष्ठ नागरिकों की इस कोशिश को सलाम!

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  9. ज्ञान का, अनुभव का भण्डार .. रीती-रिवाज, रिश्तेदारी बताने वाले .. वरिष्ठ नागरिको को मेरा नमन .. बधाई इस तरह की गोष्ठिया चलती रहनी चाहिए |

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  10. आप तो सुघढ़ कुम्हार जैसे सुन्दर पोस्ट बना देते हो भैआ मजा आ जाती है
    अच्छा लिखते हो भैयाजी
    कभी हमारे द्वारे भी आना
    जै राम जी की

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  11. सुंदर.....

    नवरात्रि की आप को बहुत बहुत शुभकामनाएँ ।जय माता दी ।

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  12. shashtri ji
    badhiya nayapan liye pot
    abhar

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  13. लेखन के लिये “उम्र कैदी” की ओर से शुभकामनाएँ।

    जीवन तो इंसान ही नहीं, बल्कि सभी जीव जीते हैं, लेकिन इस समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, मनमानी और भेदभावपूर्ण व्यवस्था के चलते कुछ लोगों के लिये मानव जीवन ही अभिशाप बन जाता है। अपना घर जेल से भी बुरी जगह बन जाता है। जिसके चलते अनेक लोग मजबूर होकर अपराधी भी बन जाते है। मैंने ऐसे लोगों को अपराधी बनते देखा है। मैंने अपराधी नहीं बनने का मार्ग चुना। मेरा निर्णय कितना सही या गलत था, ये तो पाठकों को तय करना है, लेकिन जो कुछ मैं पिछले तीन दशक से आज तक झेलता रहा हूँ, सह रहा हूँ और सहते रहने को विवश हूँ। उसके लिए कौन जिम्मेदार है? यह आप अर्थात समाज को तय करना है!

    मैं यह जरूर जनता हूँ कि जब तक मुझ जैसे परिस्थितियों में फंसे समस्याग्रस्त लोगों को समाज के लोग अपने हाल पर छोडकर आगे बढते जायेंगे, समाज के हालात लगातार बिगडते ही जायेंगे। बल्कि हालात बिगडते जाने का यह भी एक बडा कारण है।

    भगवान ना करे, लेकिन कल को आप या आपका कोई भी इस प्रकार के षडयन्त्र का कभी भी शिकार हो सकता है!

    अत: यदि आपके पास केवल कुछ मिनट का समय हो तो कृपया मुझ "उम्र-कैदी" का निम्न ब्लॉग पढने का कष्ट करें हो सकता है कि आपके अनुभवों/विचारों से मुझे कोई दिशा मिल जाये या मेरा जीवन संघर्ष आपके या अन्य किसी के काम आ जाये! लेकिन मुझे दया या रहम या दिखावटी सहानुभूति की जरूरत नहीं है।

    थोड़े से ज्ञान के आधार पर, यह ब्लॉग मैं खुद लिख रहा हूँ, इसे और अच्छा बनाने के लिए तथा अधिकतम पाठकों तक पहुँचाने के लिए तकनीकी जानकारी प्रदान करने वालों का आभारी रहूँगा।

    http://umraquaidi.blogspot.com/

    उक्त ब्लॉग पर आपकी एक सार्थक व मार्गदर्शक टिप्पणी की उम्मीद के साथ-आपका शुभचिन्तक
    “उम्र कैदी”

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  14. सामाजिक एकजुटता निश्चित रूप से लाभकारी है।

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